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Password बनाते वक़्त हम सब एक ही ग़लती करते हैं – कुछ याद रहने लायक़ सोचते हैं, फिर उसमें @ और 1 जोड़कर मान लेते हैं कि अब मज़बूत हो गया. हक़ीक़त ये है कि P@ssw0rd1 जैसे password हर cracking tool सबसे पहले आज़माता है.
इस post में समझेंगे कि मज़बूती आती कहाँ से है, और Password Generator से सही password कैसे बनाएँ.
लंबाई, symbols से कहीं ज़्यादा काम की है
हर अक्षर जोड़ने पर अंदाज़े लगाने का काम गुणा होता है, जबकि a को @ करने से कुछ ख़ास नहीं बदलता – वो बदलाव हर tool की list में पहले से है.
इसीलिए हमारा tool मज़बूती bits of entropy में बताता है, हरे tick में नहीं. मोटा हिसाब: 45 से नीचे कमज़ोर, 65 के ऊपर ठीक, 90 के ऊपर अच्छा.
दो तरह के password, दो अलग जगहों के लिए
Random characters – सबसे मज़बूत, पर याद नहीं रहते. ये उन 200 websites के लिए हैं जिनके password आप password manager में रखते हैं. हर site पर अलग, और याद रखने की ज़रूरत ही नहीं.
शब्दों वाले (passphrase) – चार random शब्द जोड़कर, जैसे copper-silent-maple-73. याद भी रहते हैं और टाइप करने में भी आसान. जहाँ password ख़ुद टाइप करना पड़ता है – laptop का login, WiFi, phone का unlock, password manager का master password – वहाँ यही सही चुनाव है.
एक बात जो हम बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताते
Passphrase में “capitalise” चुनने पर हमारा आँकड़ा नहीं बढ़ता. वजह सीधी है: जो हमला इस शब्द-सूची को आज़माता है, वो capital वाला रूप भी आज़माता है. कई generators यहाँ आँकड़ा बढ़ा देते हैं – वो आपकी तारीफ़ है, आपकी सुरक्षा नहीं.
Random सचमुच random होना चाहिए
ये बारीक़ है पर असली है. बहुत से online generators Math.random() इस्तेमाल करते हैं, जो cryptographic नहीं है – उसके पिछले नतीजों से अगला निकाला जा सकता है. यानी उससे बना password सिद्धांत रूप में कोई और भी निकाल सकता है.
हमारा tool browser का crypto.getRandomValues इस्तेमाल करता है. और एक और बारीक़ी: random bytes को सीधे modulo से छोटा नहीं किया जाता, क्योंकि उससे शुरुआती characters बाक़ियों से ज़्यादा आते हैं – एक चुपचाप का झुकाव जो हर password थोड़ा कमज़ोर कर देता है.
असली सुरक्षा: हर जगह अलग password
सबसे मज़बूत password भी बेकार है अगर वही password दस जगह लगा हो. किसी एक site का data चोरी हुआ – और ऐसा हर महीने होता है – तो वही password बाक़ी नौ जगह आज़माया जाता है. इसे credential stuffing कहते हैं और यही सबसे आम तरीक़ा है account टूटने का.
इसीलिए password manager ज़रूरी है – Bitwarden, 1Password, या browser का अपना. एक master passphrase याद रखिए, बाक़ी सब random रहने दीजिए.
क्या password कहीं जाता है?
नहीं. आपके अपने device पर बनता है, कहीं भेजा नहीं जाता, और सहेजा भी नहीं जाता. यानी page बंद करते ही चला गया – इसलिए पहले उसे अपने password manager में copy कीजिए.
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